हमें यहूदियों के स्वभाषा प्रेम से शिक्षा लेनी चाहिए

यहूदी लोग आज यानी 14सितंबर को अपना नया वर्ष मनाते हैं। इसे इज़राइल मे “रोश हशनाह”कहा जाता है। वे  जहां भी क्यों न रहें,इसे परंपरागत उत्सव के रूप मे मनाते अवश्य हैं। एक समय था जब यहूदियों  पर अरब ने शासन किया तो कभी अंग्रेजों ने। अपनी आत्मरक्षा  के लिए वे दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने मे जाते रहे। जर्मनी में हिटलर से उन्हें कुछ राहत मिली । संयुक्त राष्ट्र संघ ने जब उन्हे उनकी ज़मीन लौटाई तब भी ब्रिटेन के साथ साथ अन्य  अरब देश इसका विरोध ही करते रहे। सीरिया,लेबनान,साउदी अरब,जार्डन जैसे देशों ने तो ब्रिटीश फौज से मिले  हथियारों के बल पर दुबारा उनकी आज़ादी को छिनना भी चाहा लेकिन उन्होंने  डटकर उसका मुक़ाबला किया । हजारों  को आज़ादी की रक्षा के लिए अपनी जान गंवानी पड़ी,पर उन्होंने  किसी भी स्थिति में हार नहीं मानी। जब 14 मई 1948 को इज़राइल दुनिया के नक्शे पर आया तो बमुश्किल उसकी आबादी कुछेक हज़ार थी। उनकी अपनी भाषा हिब्रू मृतप्राय हो चुकी थी और विद्वान जन किसी अन्य मुल्क में बस गए  थे। यह वहाँ के लोगों का प्रचंड आत्मविश्वास और अखंड देशप्रेम ही था जो उन्होने एक सम्पन्न अरबी भाषा जो तब उनके यहाँ प्रचलित थी और अधिकांश लोगों द्वारा बोली व समझी भी जाती थी ,को सिर्फ इसलिए त्याग दिया क्योंकि वह उनके शत्रु अरबी लोगों की भाषा थी ,जिन्होंने उन्हें गुलाम बनाया था । उन्होने अपनी मातृभाषा हिब्रू को ही राष्ट्रभाषा घोषित किया और हिब्रू को इस्तेमाल में लाने के लिए जो भी उपाय किए जा सकते थे पूरी निष्ठा से किया। ज़रा सोचिए जिस हिब्रू को सारा संसार भूल चुका था उसी हिब्रू को इज़राइल के लोगों ने न केवल जीवित किया बल्कि सारा कामकाज,उच्च शिक्षा ,तकनीकी शिक्षा भी हिब्रू में ही करने की व्यवस्था की। एक अल्प आबादी वाला देश इज़राइल जो चारों ओर अपने शत्रुओं से घिरा हुआ है,अपनी भाषा और संस्कृति की बदौलत एक शक्तिशाली देश के रूप में खड़ा हुआ है। अगर उनकी मातृ भाषा प्रेम से हम प्रेरणा ले सकें तो अँग्रेजी के प्रति हमारा अंधा मोह क्षण मात्र में गायब हो जाएगा ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ऑनलाइन हिन्दी प्रशिक्षण हेतु लीला प्रबोध , प्रवीण एवं प्राज्ञ के नए पाठ्यक्रम

यूनिकोड और हिन्दी शब्द संसाधन (Unicode & Hindi Word Processor)

NOV.13 HINDI PRABODH PRAVEEN & PRAGYA EXAM. RESULT PUBLISHED